पादरी बजिंदर सिंह विवाद: यौन उत्पीड़न के बाद मारपीट का वीडियो वायरल, चर्च सदस्यों ने बताया फर्जी

पंजाब के पादरी बजिंदर सिंह पर यौन उत्पीड़न का केस दर्ज होने के बाद से वह लगातार चर्चाओं में हैं। यौन उत्पीड़न का मामला सामने आने के कुछ हफ्तों बाद ही उनका एक सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ, जिसमें बजिंदर सिंह एक आदमी और एक औरत को मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो उनके ऑफिस का है, लेकिन अब इस मामले में नया मोड़ सामने आ गया है। बता दें कि बजिंदर सिंह ‘द चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विजडम’ नामक चर्च चलाते हैं।
सीसीटीवी फुटेज को लेकर चर्च के कर्मियों ने इसे फेक बताया:
बजिंदर सिंह के समर्थन में आए चर्च के सदस्यों का कहना है कि यह वीडियो नकली है और इसे एडिट किया गया था। उन्होंने कहा कि “हम वहां बैठे ही नहीं थे।” वहीं, पीड़िता महिला का कहना है कि “पास्टर ने किसी को नहीं मारा, बल्कि उन्हें बदनाम करने के लिए यह सब किया जा रहा है।”
फंड को लेकर लगे आरोप:
इस दौरान एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि “कुछ दिनों से चर्च के कार्यों के लिए फंड दिया जा रहा था, लेकिन इस मामले में फंड को लेकर कई आरोप लगने शुरू हो गए थे।” चर्च के एक कर्मचारी ने बताया कि जब कमेटी ने जांच की, तो पाया कि फंड आ तो रहा है, लेकिन पास्टर तक नहीं पहुंच रहा था। इसमें घपला हो रहा था।
सीसीटीवी फुटेज में क्या दिखा?
बीते दिनों बजिंदर सिंह के ऑफिस में लगे सीसीटीवी कैमरे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में दिख रहा है कि बजिंदर सिंह लोगों पर चीजें फेंक रहे हैं और उन्हें थप्पड़ मार रहे हैं। इस वीडियो को लेकर कहा जा रहा है कि जो लोग मार खा रहे हैं, वे बजिंदर सिंह के चर्च में काम करते हैं।
पादरी बजिंदर सिंह पर लगे आरोप:
- यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज
- मारपीट का वीडियो वायरल
- फंड में घपले का आरोप
चर्च सदस्यों का दावा:
- वीडियो फर्जी और एडिटेड
- पादरी को बदनाम करने की साजिश
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पादरी बजिंदर सिंह पर लगे आरोपों और वायरल वीडियो को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। चर्च सदस्यों ने वीडियो को फर्जी बताया है, जबकि पीड़िता महिला ने पादरी को बदनाम करने की साजिश का आरोप लगाया है। इस मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना है।